Rajasthan. बिहार के बाद अब राजस्थान पुलिस महानिदेशक ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 30 सितंबर को सरकार की ओर से उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। बता दें कि करीब 2 सप्ताह पहले ही डीजीपी भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। ऐसे में अब प्रदेश में नए DGP की तलाश तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में वैसे तो कई नामों की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं सोशल मीडिया पर आईपीएस अधिकारियों को बधाई संदेश मिलना भी शुरू हो चुके हैं। मगर एक डीजीपी का चयन किस प्रकार होता है, क्या है चयन की प्रक्रिया, चलिए जानते हैं।
ऐसे होता है चयन :
बता दें कि जब भी प्रदेश में पुलिस के नए मुखिया यानी पुलिस महानिदेशक का चयन करना होता है तो इसके लिए सबसे पहले प्रदेश के 10 ऐसे वरिष्ठ आईपीएस IPS अधिकारियों के नाम इकट्ठा करने होते हैं, जिनका कम से कम 6 महीने का कार्यकाल अभी शेष बचा हुआ हो एवं 30 साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हों। इन नामों को राज्य सरकार संघ लोक सेवा आयोग को भेजती है। यूपीएससी UPSC इन नामों पर विचार करती है और इनमें 3 नामों को सलेक्ट कर एक पैनल राज्य सरकार को वापस भेज देती है। फिर राज्य सरकार इन 3 नामों में से किसी एक पर फैसला कर नए डीजीपी के नाम की घोषणा करती है।
भूपेंद्र यादव को मिल सकता है इनाम :
गहलोत सरकार के चहेते माने जाने वाले 1987 बैच के आईपीएस भूपेंद्र यादव को वीआरएस के बाद सरकार एक और बड़ा इनाम दे सकती है। पुलिस विभाग के मुखिया के तौर पर उन्हें सरकार के विश्वसनीय अधिकारी के तौर पर देखा गया था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार उन्हें छोड़ना नहीं चाहती। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें आरपीएससी RPSC का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।